4 चाहे मैं घोर अंधकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ,
तो भी हानि से न डरूँगा,
क्योंकि तू मेरे साथ रहता है;
तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
6 निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर मेरे
साथ-साथ बनी रहेंगी;
और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूँगा।