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भजन संहिता 56:1,3,4,8,11

IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

उत्पीड़कों से राहत के लिये प्रार्थना

1 हे परमेश्वर, मुझ पर दया कर, क्योंकि मनुष्य मुझे निगलना चाहते हैं;

वे दिन भर लड़कर मुझे सताते हैं।

3 जिस समय मुझे डर लगेगा,

मैं तुझ पर भरोसा रखूँगा।

4 परमेश्वर की सहायता से मैं उसके वचन की प्रशंसा करूँगा,

परमेश्वर पर मैंने भरोसा रखा है, मैं नहीं डरूँगा।

कोई प्राणी मेरा क्या कर सकता है?

8 तू मेरे मारे-मारे फिरने का हिसाब रखता है;

तू मेरे आँसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले!

क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है56:8 क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है: क्या वे तेरी स्मरण पुस्तक में अंकित करके लिखे नहीं गए कि तू उन्हें भूल न जाए??

11 मैंने परमेश्वर पर भरोसा रखा है, मैं न डरूँगा।

मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?

Em outras traduções

  1. OHSS Hindi Contemporary Version

    1 परमेश्वर, मुझ पर कृपा कीजिए,

    क्योंकि शत्रु मुझे कुचल रहे हैं;

    दिन भर उनका आक्रमण मुझ पर प्रबल होता जा रहा है.

    3 भयभीत होने की स्थिति में, मैं आप पर ही भरोसा करूंगा.

    4 परमेश्वर, आपकी प्रतिज्ञा स्तुति प्रशंसनीय है,

    परमेश्वर, मैं आप पर ही भरोसा रखूंगा और पूर्णतः निर्भय हो जाऊंगा.

    नश्वर मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ लेगा?

    8 आपने मेरे भटकने का लेखा रखा है;

    आपने मेरे आंसू अपनी कुप्पी में जमा कर रखें हैं.

    आपने इनका लेखा भी अपनी पुस्तक में रखा है?

    11 मैं परमेश्वर पर ही भरोसा रखूंगा, तब मुझे किसी का भय न होगा.

    मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ सकता है?

  2. HSB Hindi Standard Bible

    1 हे परमेश्‍वर, मुझ पर अनुग्रह कर,

    क्योंकि मनुष्य मुझे कुचलता है,

    और वह दिन भर लड़कर मुझे सताता है।

    3 जब मुझे डर लगेगा,

    तो मैं अपना भरोसा तुझ पर रखूँगा।

    4 मैंने उसी परमेश्‍वर पर भरोसा रखा है,

    जिसके वचन की मैं प्रशंसा करता हूँ;

    मैं न डरूँगा। मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ सकता है?

    8 तूने मेरे भटकते फिरने का हिसाब रखा है।

    मेरे आँसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले;

    क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है?

    11 परमेश्‍वर पर ही मैंने भरोसा रखा है;

    मैं न डरूँगा। मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ सकता है?

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