11 आकाश तेरा है, पृथ्वी भी तेरी है;
जगत और जो कुछ उसमें है, उसे तू ही ने स्थिर किया है। (1 कुरि. 10:26, भज. 24:1,2)
11 आकाश तेरा है, पृथ्वी भी तेरी है;
जगत और जो कुछ उसमें है, उसे तू ही ने स्थिर किया है। (1 कुरि. 10:26, भज. 24:1,2)
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