24 क्योंकि उसने दुःखी के दुःख को न तो तुच्छ जाना
और न उससे घृणा की,
और न ही उससे अपना मुख छिपाया है;
पर जब भी उसने उसे सहायता के लिए पुकारा,
तब उसकी सुन ली।
24 क्योंकि उसने दुःखी के दुःख को न तो तुच्छ जाना
और न उससे घृणा की,
और न ही उससे अपना मुख छिपाया है;
पर जब भी उसने उसे सहायता के लिए पुकारा,
तब उसकी सुन ली।