यहोवा मेरा दृढ़ गढ़
1 यहोवा मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है;
मैं किससे डरूँ?
यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ है;
मैं किससे भयभीत होऊँ?
5 विपत्ति के दिन वह मुझे अपने मंडप में छिपा लेगा;
वह मुझे अपने तंबू के गुप्त स्थान में छिपा लेगा;
वह मुझे चट्टान पर चढ़ा देगा।