23 धर्मी मनुष्य के कदम यहोवा दृढ़ करता है,
और वह उसके चलन से प्रसन्न होता है।
24 चाहे वह गिर भी पड़े फिर भी पड़ा न रहेगा,
क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है।
23 धर्मी मनुष्य के कदम यहोवा दृढ़ करता है,
और वह उसके चलन से प्रसन्न होता है।
24 चाहे वह गिर भी पड़े फिर भी पड़ा न रहेगा,
क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है।
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