4 मेरा मन भीतर ही भीतर तड़पता है,
और मृत्यु का भय मुझमें समा गया है।
5 भय और कँपकँपी ने मुझे जकड़ लिया है,
और डर ने मुझे धर दबोचा है।
4 मेरा मन भीतर ही भीतर तड़पता है,
और मृत्यु का भय मुझमें समा गया है।
5 भय और कँपकँपी ने मुझे जकड़ लिया है,
और डर ने मुझे धर दबोचा है।
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