3 जब मझ डर लगग, त म अपन भरस तझ पर रखग। 4 मन उस परमशवर पर भरस रख ह, जसक वचन क म परशस करत ह; म न डरग। मनषय मर कय बगड़ सकत ह?
3 जब मझ डर लगग, त म अपन भरस तझ पर रखग। 4 मन उस परमशवर पर भरस रख ह, जसक वचन क म परशस करत ह; म न डरग। मनषय मर कय बगड़ सकत ह?