1 ज परमपरधन क शरण म वस करत ह,
वह सरवशकतमन क छय म ठकन पएग।
2 म यहव क वषय म कहग,
"वह मर शरणसथन और दढ़ गढ़ ह;
वह मर परमशवर ह,
म उस पर भरस रखत ह।"
1 ज परमपरधन क शरण म वस करत ह,
वह सरवशकतमन क छय म ठकन पएग।
2 म यहव क वषय म कहग,
"वह मर शरणसथन और दढ़ गढ़ ह;
वह मर परमशवर ह,
म उस पर भरस रखत ह।"