पाप क्षमा के लिये प्रार्थना
1 हे परमेश्वर, अपनी करुणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर;
अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे। (लूका 18:13, यशा. 43:25)
2 मुझे भली भाँति धोकर मेरा अधर्म दूर कर,
और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!
3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूँ,
और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
4 मैंने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया,
और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है,
ताकि तू बोलने में धर्मी
और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे। (लूका 15:18,21, रोम. 3:4)
10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर51:10 मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर: यह शब्द वास्तव में सृजन कार्य को दर्शाने के लिए प्रयोग किया गया है, अर्थात् किसी को जो नहीं है अस्तित्व में लाना।,
और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
17 टूटा मन51:17 टूटा मन: अपराध बोध के बोझ के नीचे दबकर टूटा हुआ अन्त:करण। कहने का अर्थ है कि आत्मा पर इतना अधिक बोझ हो गया कि वह कुचल गई और दब गई। परमेश्वर के योग्य बलिदान है;
हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को
तुच्छ नहीं जानता।