Pular para o conteúdo
Publicidade

Salmos 116

टकिपरम्‍वर धनयव

1 ैं यहरखतूँ,

ोंि वह िड़गिनतै।

2 ोंि उसनओर लगै,

इसलिैं वन भर उसूँा।

3 रसिों ों ओर जकड़ िा,

और अधपर पड़ी;

कट और गनपड़ा।

4 तब ैंयहथनी,

"यहा, बचे।"

5 यहअनरहकऔर धरै;

ाँ, हमपरम्‍वर दयकरनै।

6 यहों रककरतै;

जब ैं िबल गया,

उसनउदिा।

7 ,

अपनिें ;

ोंि यहभलै।

8 े,

बहे,

और ों कर बचै।

9 इसलिैं यहमन

िों ें चलतरहूँा।

10 जब ैंकहि ैं बहिूँ,

तब ैंि्‍रखा।116:10 कुछ हस्तलेखों के अनुसार इस पद का अनुवाद इस प्रकार है : "मैंने विश्‍वास किया इसलिए मैंने कहा, ‘मैं तो बहुत पीड़ित हूँ।’ "

11 ैंउतवलकहा,

"सब मनैं।"

12 यहपर ितनउपकिैं,

उनकबदलैं उसूँ?

13 ैं उदकटउठकर यहथनकरूँा;

14 ैं यहिअपनमन्‍नतों

उसकरजमनअवशकरूँा।

15 यह्‍ि ें उसकभक्‍ों अनमै।

16 यहा, , ैं ूँ;

ैं ूँ,

और ूँ।

धन िैं।

17 ैं धनयवबलिचढ़ा,

और यहथनकरूँा।

18 ैं यहिअपनमन्‍नतों

उसकरजमनअवशकरूँा।

19 ैं उनें यहभवन गनों ें,

यरशल, तर करूँा।

ि कर116:19 इब्रानी में "हल्लिलूयाह"!

Veja também