5 त न त रत क आतक स, और न दन क उड़त तर स डरग; 6 त उस महमर स भ न डरग ज अधकर म फलत ह, और न उस वनश स ज दपहर म उजड़त ह।
5 त न त रत क आतक स, और न दन क उड़त तर स डरग; 6 त उस महमर स भ न डरग ज अधकर म फलत ह, और न उस वनश स ज दपहर म उजड़त ह।