धर्मी व्यक्ति के गुण1 याह की स्तुति करो*! क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है।
धर्मी व्यक्ति के गुण1 याह की स्तुति करो*! क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है।