ज़ेभै गरज़ पल़ी, तेभै करा बिधाता मज़त।
1 बिधाते ज़ै-ज़ैकार करा।
ज़ुंण तम्हैं तेऊए च़ाकरी करा,
तम्हैं करा तेऊए ज़ै-ज़ैकार।
2 बिधाते ज़ै-ज़ैकार लोल़ी
आझ़ा पोर्ही सारी सदा हुई।
3 पुर्बा ओर्ही पछ़मा तैणीं करा सोभै
बिधाते नाओंए ज़ै-ज़ैकार।
4 बिधाता करा सोभी देशा प्रैंदै राज़,
तेऊओ प्रतप्प आसा सारै भ्रमंडा का बी उछ़टअ।
5 म्हारै परमेशर बिधाता ज़िहअ निं होर कोहै आथी,
सोभी का उछ़टै दी आसा सह ई बेठअ द।
6 पर सह हआ तिधा का उंधै पृथूई भाल़अ लागअ द।
7 सह झ़ैऊआ रैनै-गरीबा
माट्टै अर छ़ारे रूल़ी जैंदरा का उझै,
8 ताकि सह तिन्नां आपणीं परज़े सैणैं
संघै राज़ करना लै साझ़ू हई सके।
9 ज़हा बेटल़ीओ हुअ-ज़ाअ निं आथी, तैहा लै दैआ सह लुआद अर तैहा भेटा खुशी।
बिधाते करा ज़ोरै-ज़ोरै ज़ै-ज़ैकार।