1 हे बिधाता, ऐबै कर तूह किज़ै! इना दुशमणा खद्रेल़ पोर्ही,
ईंयां दुशमण ज़ुंण ताखा नफरत करा, ईंयां लोल़ी ज़िहै आऐ तिहै ई बापस ठुर्है।
2 इना कदुष्टा फर्ल़ाऊ धूँआं ज़िहै!
ताह नेल़ एछी लोल़ी ईंयां इहै गल़ै
ज़िहअ आगीए सेका करै घिऊ गल़ा।
3 पर धर्मीं मणछ लोल़ी ताह सेटा राज्ज़ी-मौज़ी रहै,
तिन्नैं लोल़ी हास्सदी खेल्हदी तेरी ज़ै-ज़ैकार किई।
4 ए म्हारै परमेशर, तूह आसा सह ई ज़ुंण बादल़ा प्रैंदै शुंआर हआ,
ताह नाअं आसा बिधाता,
हाम्हैं मनाऊंआं तेरी खुशी, संघा करा तेरी ज़ै-ज़ैकार।
5 परमेशर, तूह रहा आपणैं पबित्र घअरै,
तूह करा छ़ुटै-मुक्कै दै अर बिधबा बेटल़ीओ नसाफ।
6 ज़ुंण कल्ही आसा, तूह बसाऊआ तिन्नों घअर,
कैद किऐ दै मणछा करा तूह आज़ाद।
पर द्रोही लोगा लागणअ शुन्नैं रेगीस्तानै रहणअ।
7 ज़ांऊं तंऐं आपणीं परज़ा आज़ाद किई अर
उज़र रेगीस्ताना बाती आजू नढैऊऐ,
8 पृथूई दी हुई ज़ाज़री अर
उझै का छ़ुटअ सरग,
किल्हैकि तूह इज़राईलीओ परमेशर बिधाता ज़ुंण सीनाई धारा प्रैंदा का राज़ करा,
तेरै डरै छ़ुटी तिन्नां काम्मणीं।
9 हे बिधाता, तंऐं दैनअ सरगा का रज्ज़ी पाणीं,
तेता करै किई तंऐं आपणीं ज़ैगा भिई हरी-भरी।
10 तेरी टोली लागी खिरी तिधी रहंदी बस्सदी,
तंऐं दैनी तिन्नां लै खुल्है दिलै सोभै गल्ला।
11 तंऐं किअ हुकम अर
बेटल़ीए छ़ुंढे-छ़ुंढ लागी तेरै महान कामें बारै सोभी का इहअ खोज़दी,
12 "दुशमण राज़ै ठुर्है डरै आपणीं-आपणीं सैना संघी!"
बेटल़ी ज़ुंण जुधे बगती घअरै हआ, तिन्नैं बी बांडी लुटी दी माया:
13 च़ंदी करै महल़ै दै कबूतर ज़ेते फैंख च़ोखै सुन्नें आसा तै!
तैबी बी किल्है आसा तम्हां मांझ़ै कई ज़ण्हैं जुधे बगती भडैल़ै रहै दै लुक्की?
14 परमेशर बिधाता ज़हा का सारअ बल आसा, ज़ांऊं तेऊ राज़ै खद्रेल़ै,
सह पल़अ ज़िहअ सलमोन ज़ोता प्रैंदै हिंअं।
15 बाशान धार आसा महान
तेथ आसा कई उछ़टी-उछ़टी ज़ोता।
16 ज़हा धारा बिधाता आपणअ बसेरअ किअ
अर ज़िधी तेऊ सदा रहणअ,
तेता भाल़ी होरी धारा किल्है लागी ज़ल़ण हंदी?
17 ज़ेभै मालक बिधाता सीनाई पबित्र धारा आपणीं परज़ा लै प्रगट हणअ,
तेऊ संघै हणैं हज़ारो रथ।
18 ज़ेभै बिधाता उझै उछ़टै लै डेऊअ,
तेऊ निंणै आप्पू संघै कई कैदी मणछ बी,
तेऊ ढाकणीं हठू मणछे भैंट बी।
बिधाता रहणअ सदा लै तिधी।
19 ए म्हारै मालक, हाम्हां करनी तेरी ज़ै-ज़ैकार!
तूह रहा हाम्हां लै हर धैल़ै झणैल़ू,
परमेशर, तंऐं आसा हाम्हैं बच़ाऊई डाहै दै।
20 हे बिधाता, म्हारै मालक, तूह करा कबल्ली म्हारी फाज़त,
हे परमेशर, तंऐं आसा हाम्हैं मरनै का बच़ाऊई डाहै दै।
21 ए म्हारै बिधाता, ज़ुंण आपणैं पापी कामां नांईं छ़ाडदै,
तिन्नें फाल़णीं ताह ताल़ू-तुंबी।
22 हे मेरै मालक, तंऐं आसा आप्पै इहअ बोलअ द, "मुंह आणनैं थारै दुशमण बाशान धारा का बापस फरेऊई,
तिंयां च़ाऐ समुंदरे थाल्लै किल्है निं होए पुजै दै, तिधा का बी पजैल़णैं मुंह तिंयां बापस!
23 ताकि तम्हैं तिन्नें लोहू जैंदरी आपणीं गंईं डाहे अर
थारै कुक्कर तिन्नों मास्स रज्ज़ी खाए।"
24 हे बिधाता, तेरअ फेर निखल़दअ भाल़अ सोभी,
परमेशर तूह ज़ुंण म्हारअ राज़अ आसा, तेरअ फेर हुअ तेरी पबित्र ज़ैगा पूरअ।
25 गिहा लाणैं आल़ै लागै आजू हांढदै अर बाज़णैं आल़ै पिछ़ू,
तिन्नां मांझ़ै थिई कुंआरी शोहरी डफली बाज़दी लागी दी हांढदी।
26 तिंयां ती इज़राईली मणछा लै इहअ बोल्दी लागी दी,
"ज़सरअ मूल़ इज़राईल आसा, तिंयां करा बिधाते ज़ै-ज़ैकार!"
27 बिन्यामीन ज़ुंण सोभी का होछ़अ गोत्र आसा, सह हांढा सोभी का आजू,
तेता बाद यहूदा गोत्रो सैणअ आपणैं दला संघै।
तिन्नां पिछ़ू ज़बलून अर नप्ताली गोत्रे सैणैं आपणैं-आपणैं दला संघै।
28 हे बिधाता, आपणअ बल रहैऊ,
ज़िहअ तंऐं पैहलै बी आपणैं तेऊ भबना का
29 बल रहैऊअ ज़ुंण एरुशलेम नगरी आसा
अर ज़िधी ताल्है पृथूईए राज़ै भैंट पजैल़णीं।
30 मिसर ज़ुंण बणें बडै ज़ीबा ज़िहअ नगाल़ै जैंदरी आसा, तेऊ दै नैरनीं,
तेऊ देशा दै नैरनीं ज़ेते सैणैं अर लोग बणें म्हैशै ज़िहै आसा!
तिंयां लोल़ी च़ंदी हाथै भैंट ढाकी धरनीं पेटा करै हांढी ताह सेटा माथअ टेक्कअ।
ज़ुंण देश झ़गल़ै लै झ़ूरा, तिन्नां खद्रेल़ ओर्ही-पोर्ही।
31 मिसर देशा का एछणैं राज़दूत,
कूश देशे लोगो परमेशरे ज़ै-ज़ैकार करना लै करा बाह खल़ी।
32 पृथूई दी देशै-देशै राज़ करनै आल़ै राज़ैओ,
तम्हैं सोभै बोला सोभिए मालक बिधाते भज़न।
33 ज़ुंण बिधाता सोभी सरगा प्रैंदी पोर्ही हांढा,
तेऊए बैण शूणां, सह आसा किज़ै बोल्दअ लागअ द।
34 परमेशरे ज़ोरे बारै खोज़ा सोभी का!
इज़राईली जैंदरी हआ तेऊओ अदर अर
सारै भ्रमंडै करा सह राज़।
35 हे बिधाता, तेरी पबित्र ज़ैगा लोल़ी तेरी डअर रही,
तूह ज़ुंण हाम्हां इज़राईलीओ परमेशर आसा,
तूह दैआ आपणीं परज़ा लै बल अर तागत।
परमेशरे लोल़ी सदा ज़ै-ज़ैकार हुई।