1 हे बिधाता, मंऐं दैनी आपणीं ज़िन्दगी ताल्है,
2 हे परमेशर, मुंह आसा तेरअ ई भरोस्सअ।
तूह बच़ाऊ मुंह हारने बेइज़ती हणैं का,
मेरै दुशमणा निं मेरी हारने खुशी दी नाच़-खेल्ह करनै दैई।
3 ज़ुंण ताह दी भरोस्सअ करा, तिंयां निं कधि हारी सकदै,
पर ज़ुंण छ़ेक्कै धोखअ दैआ, तिंयां हणैं शर्मिंदै।
4 हे बिधाता, तूह रहैऊ मुखा आपणीं बात,
मुंह सखाऊ तेथ हांढणअ।
5 मुखा शखैल़ आपणैं सत्ता दी ज़िन्दगी ज़िऊंणीं,
मेरअ परमेशर आसा तूह ज़ुंण मुंह बच़ाऊआ।
हुंह रहा सदा तेरै ई भरोस्सै।
6 हे बिधाता, ज़ीबाण, ऐहा गल्ला कर आद कि
तूह आअ जुगा-जुगा ओर्ही सबर अर झींण करदी।
7 हे बिधाता, मेरै खारकी अमरा किऐ दै पाप अर गलती कर माफ।
तूह कर ऐहा गल्ला प्रगट कि तूह झ़ूरा सदा अर
झींण करी डाह मुंह आद।
8 किल्हैकि तूह बिधाता आसा धर्मीं अर झणैल़ू,
तूह खोज़ा पापी मणछा का कि किहअ लागा तेरी बाता हांढणअ।
9 भोल़ै मणछा का सखाऊआ तूह भलअ करनअ अर
इहअ कि तूह किज़ै च़ाहा।
10 ज़ुंण ताह बिधाते करार अर बधान मना,
तिन्नां लै हआ सदा तेरी झींण अर सत्त।
11 हे बिधाता, तूह कर आपणीं ज़बान आद,
संघा कर मेरै पाप माफ, ज़ुंण बेघै खास्सै आसा।
12 ज़ुंण ताह बिधाते डरा हेठै रहा,
ताह रहैऊंणीं तिन्नां का सह भली बात ज़ेथ तूह च़ाहा कि तिंयां हांढे।
13 तिंयां हणैं सेठ अर
तिन्नें आद-लुआद हणैं ज़िम्मींए मालक।
14 तूह बिधाता हआ तिन्नां मणछो साथी ज़ुंण तेरी डरा हेठै रहा,
आपणीं करार बी करा तूह तिन्नां ई संघै पाक्की।
15 हे बिधाता, मेरी आछी हआ कबल्ली ताह बाखा लागी दी,
किल्हैकि मुंह बच़ाऊआ तूह ई आफ़त पाणै आल़ै ज़ज़ाल़ा का।
16 हे बिधाता, मुंह बाखा फिर, मुल्है कर झींण,
किल्हैकि हुंह आसा कल्ही अर मुल्है आसा आफ़त पल़ी दी।
17 मुंह लागअ खास्सअ हैल़अ फिरदअ,
तूह बच़ाऊ मुंह इना सांगटा का।
18 मेरै दुख-सांगटा बाखा दै भाल़णीं अर
मेरै पाप कर माफ।
19 मेरै दुशमण भाल़ किहै खास्सै हुऐ अर
तिंयां भाल़ मुंह संघै केही ज़ीद डाहा।
20 हे बिधाता, मेरी फाज़त कर तूह, तिन्नां का बच़ाऊ मेरी ज़िन्दगी।
मुंह निं शर्मिंदै दैई हणैं किल्हैकि
मंऐं आसा ताह सेटा शरण लई दी।
21 हे बिधाता, हुंह करा दिला का ज़िहअ तूह बोला तिहअ ई,
मेरअ भरोस्सअ आसा ताह दी किल्हैकि मुखा आसा थोघ कि ताह हेरनअ हुंह बच़ाऊई।
22 हे बिधाता, तेरै आपणैं इज़राईली मणछा डाह तूह
सोभी आफ़ता का बच़ाऊई!