1 ऐडअ सोठा आपणैं मन्नैं इहअ, "परमेशर निं आथी ई!"
इहै मणछ आसा भ्रष्ट गऐ दै हई,
तिन्नें आसा बेघै च़िल़्हखरै काम अर
तिन्नां मांझ़ै निं इहअ कोहै आथी ज़ुंण भलअ पाछा।
2 बिधाता हआ स्वर्गा का उंधै हाम्हां मणछा भाल़अ लागअ द कि
कहा एकी बी आसा अक्ल?
इहअ मणछ बी आसा ज़ुंण तेऊए लोल़-तोप करा?
3 पर सोभै मणछ आसा कबाता गऐ दै पेठी,
ज़ाथी आसा सोभै भ्रष्ट गऐ दै हई।
कोहै निं भलअ करदअ,
ज़ाथी निं एक बी आथी!
4 बिधाता बोला इहअ, "तिन्नां कबध खटणै आल़ै का थोघ ई निं आथी?
तिन्नां मेरअ धैन ई निं आथी?
मेरै लोग हारनै-मारनै हआ तिन्नां लै ज़ेही फुलकी खाणीं!
मुंह सेटा अरज़, निं तिंयां कधि करदै ई!"
5 डरै छ़ुटणअ तिन्नां दर्छ़णअ,
किल्हैकि बिधाता रहा सदा धर्मीं मणछा बाखा।
6 कबध खटणै आल़ै पाआ मानदार मणछे कामां दी खरोल़,
पर बिधाता करा आपणैं लोगे फाज़त आप्पै।
7 बिधाता एछणअ इज़राईला बच़ाऊंदअ सियोन धारा का आप्पै!
ज़ांऊं बिधाता आपणैं लोग गलामी का आज़ाद करनै,
याकबा करनी ज़ोरै-ज़ोरै ज़ै-ज़ैकार अर
इज़राईला हणीं नाच़णै जोगी खुशी।