1 हे बिधाता, तूह डाहा मुंह बच़ाऊई,
हुंह खोज़ा लेर-पकार पाई आपणअ दुख ताखा।
2 ऐबै दै मुंह बाखा धैन,
हुंह करा लेर-पकार पाई ताह सेटा अरज़।
3 मुंह आसा एतरी खास्सी आफ़त पल़ी दी कि
मेरै च़ाल्लअ ऐबै मर्हुई।
4 ऐबै निं मुंह ज़ोर-ज़ाहण किछ़ै रहै,
हुंह हुअ तिन्नां होरी मणछा ज़िहअ ज़ुंण मरदै तैर आसा!
5 तंऐं आसा हेरअ द हुंह मुल्दै जैंदरी छ़ाडी डाही,
हुंह हुअ ऐबै तिन्नां ज़िहअ ज़ुंण मारी करै घोरी आसा दाबै दै,
ज़ुंण तंऐं बिस्सरी आसा हेरै दै अर ज़हा तेरी मज़त निं भेटदी,
मेरी दशा बी हुई तिन्नां ई ज़ेही।
6 तंऐं शोट्टअ हुंह इहै डुघै कुहै दी,
ज़ुंण सोभी का डुघअ अर ज़ेथ नटिप्प न्हैरअ आसा।
7 तेरै रोश्शै लाअ हुंह समुंदरे छ़ाल्ली ज़िहअ घेप्पी।
8 तंऐं किऐ मेरै साथी-संघी बी मुखा दूर,
तिंयां करा ऐबै मुखा नफरत!
हुंह हुअ इहअ कैद कि हुंह निं ऐबै छ़ुटी सकदअ,
9 दुख ज़िरी-ज़िरी निस्सअ ऐबै मेरी आछी का बी शुझुई,
हे बिधाता, हुंह रहा कबल्लअ धैल़ी-राची
हाथ फुआरी ताह सेटा अरज़ करदअ लागी।
10 ताह कै च़मत्कार मुल्दै लै करनअ?
तेरी ज़ै-ज़ैकार कै मुल्दै लाई खल़ै उझ़ुई करी?
11 तेरी महान झ़ूरीए बारै घोरी दी लाअ खोज़ी?
तिन्नां कै तेरै बारै जम्परी खोज़णअ कि तूह किहअ भरोस्सैमंद आसा?
12 तेरै च़मत्कार कै तेऊ न्हैरै संसारै शुझुई जाणैं?
तेरी भलाई कहा च़ाली तिधी आद रही ज़हा ज़ैगा सोभै बिस्सरै दै हआ।
13 हे बिधाता, हुंह मांगा ताखा लेर-पकार पाई मज़त,
एता लै करा हुंह कबल्ली दोत्ती-दोत्ती ताह सेटा अरज़।
14 हे बिधाता, तंऐं किल्है छ़ाडअ हुंह?
तंऐं किल्है डाही मुंह बाखा लै पिठ फरेऊई?
15 मंऐं काटी होछ़ी उझै खरी, ऐबै हुअ हुंह इहअ रोगी कि मेरै च़ाल्लअ हैल़ै मर्हुई,
तेरी सज़े भर्टू च़की-च़की आसा मुंह आग लागी दी।
16 तेरअ रोश्श फिरअ मुंह बाखा हर्हला ज़िहअ!
तेते डरै च़ाल्लअ हुंह पठी बरैबाद हई।
17 तेऊ हर्हलै आसा हुंह कबल्लअ फेरा-फेर गोटअ द,
मुखा निं तेता का सुआई आप्पू फेर होर किछ़ै शुझदअ।
18 मेरै सक्कै साथी-संघी बी हुऐ ऐबै मुखा दूर,
ऐबै रहअ मेरी ज़िन्दगी सिधअ न्हैरअ ई।