1 बिधाता लै गांठा एक नऊंईं गिह,
संसारे सोभै लोग बोला तेऊए गिह!
2 बिधाता लै बोला गिह अर तेऊए करा ज़ै-ज़ैकार,
तेऊ हेरै हाम्हैं बच़ाऊई, एऊ खुशीए समादा खोज़ा धैल़ सोभी का।
3 होरी देशा का बी खोज़ा ऐहा गल्ला कि बिधातो प्रतप्प किहअ आसा अर
इहअ कि तेऊए काम किहै महान आसा।
4 बिधाता आसा इहअ महान कि तेऊए स्तोती लागा करनी ई।
सह आसा परमेशर एक्कै अर हाम्हां लागा तेऊए ई डरा हेठै रहणअ।
5 होरी देशे देअ-देबी आसा सिधी मुहुर्ती,
पर सह आसा बिधाता ई ज़ुंणी सारअ भ्रमंड आसा बणाअं द।
6 तेऊ फेर आसा अदर अर प्रतप्प,
तेऊए पबित्र ज़ैगा आसा बल अर शोभा करै भरी।
7 पृथूई दी करा सोभी देशे लोग तेऊए ज़ै-ज़ैकार,
ऐहा गल्ला मना सोभै कि बिधाता आसा महान अर सोभी का बलबान।
8 सोभ करा बिधाते ज़ै-ज़ैकार, एता जोगी आसा सह ई।
सोभ एछा भैंट लई तेऊए दुआरै।
9 ज़ेभै सह पबित्र प्रगट होए तेऊ महान अर पबित्र बिधाता सेटा टेक्का माथअ,
तेऊए डरै लोल़ी पृथूई दी सोभै झ़ील़ै-काम्बै।
10 देशा-देशे लोगा का खोज़ा इहअ, "बिधाता आसा माहा राज़अ!
पृथूई आसा एकी ज़ैगा टकैल़ी दी, सह निं च़ुक्कदी आथी,
तेऊ करनअ देशा देशे लोगो धर्मां करै नसाफ।"
11 पृथूई अर सरग हुऐ खुश!
समुंदर अर तेते सोभी च़िज़ा लाई क्रुंगा,
12 ज़ैगा-ज़िम्मीं अर तेते सोभ गल्ला लागी नंद अर
बण-बूट लागै ज़ै-ज़ैकार करदै
13 ज़ांऊं बिधाता आप्पै धरती दी राज़ करदअ एछणअ।
तेऊ करनअ संसारे सोभी लोगा प्रैंदै राज़ अर
तेऊए सत्ता करै हणअ सोभी देशे लोगो नसाफ।