1 हे बिधाता, हाम्हैं करा तेरअ शूकर,
हाम्हां खोज़णअ सोभी का तूह किहअ महान आसा अर
तंऐं किहै-किहै नुआहरै काम आसा किऐ दै।
2 बिधाता बोला इहअ, "ज़ेभै मेरअ बगत एछे,
तेभै करनअ मुंह आप्पै नसाफ।
3 तेभै छ़ुटणीं सोभी ज़ीबा काम्मणीं अर
पृथूई दी हणीं ज़ाज़री,
तेते आथरी डाहा हुंह ई पाक्की टकैल़ी।
4 मंऐं हेरी घमंडी लै चतैनगी दैई कि शरेरै निं फिरा अर
कदुष्टा लै हेरअ मंऐं बोली कि तम्हैं निं आपणीं तागती रहैऊंदै लागा!
5 तम्हैं खास्सै निं फिरा! मुखा निं लागा खोज़दै कि तम्हैं किहै महान आसा!"
6 नसाफ नां पुर्बा बाखा एछदअ, नां पछ़मा बाखा,
नां उतरा बाखा नां दखणा बाखा,
7 सह आसा तूह बिधाता ज़ुंण नसाफ करा,
तूह सका एकी लै बल दैई अर दुजै का बल छ़ड़ैऊई।
8 तंऐं बिधाता आसा आपणैं हाथै रोश्शे नशै आल़ै दाखे रसे बाटी ढाकी दी।
तेऊ तरैल़ा तूह पृथूईए सोभी कदुष्ट मणछा लै,
तिंयां झुटा तेता पठी अर
तेता का निं एक टिप्पू बी पिछ़ू झुटदअ।
9 पर मुंह रहणअ कबल्लै ताह याकबे परमेशरे बारै सोभी का खोज़दै लागी
अर तेरअ भज़न बोल्दै लागी।
10 ताह करनअ कदुष्ट मणछो बल खतम,
पर धर्मीं रहणअ होर बी बलबान हंदअ लागी।