1 ए स्वर्गे सारी सैने मालक बिधाता, हुंह झ़ूरा तेरै बसेरै लै बेघै!
2 हुंह च़ाहा दिला का तेरै बसेरै दी पुजणअ!
हुंह आसा तन-मन्न लाई ताह ज़िऊंदै परमेशर बिधाते
खुशी-खुशी गिहा बोल्दअ लागअ द।
3 ए स्वर्गे सारी सैने मालक बिधाता, तूह आसा
मेरअ परमेशर मेरअ राज़अ,
हिंऊंल़ी च़ेल्ली भेटी तेरी बेदी नेल़ रहणा लै ज़ैगा अर
फिंच़ी च़ेल्ली लै बी बणाअं तिधी कोल्ह
अर तिधी धाचै तिन्नैं आपणैं होछ़ै-होछ़ै च़ेल्लू।
4 ज़ुंण तेरै बसेरै दी रहा, तिन्नां लै दैआ तूह बर्गत,
तिंयां करा हर बगत तेरी ज़ै-ज़ैकार।
5 तूह दैआ तिन्नां लै बर्गत ज़ुंण तेरै ज़ोरे आसरै रहा अर
ज़ुंण मणछ असली दी दिला का तेरै बसेरै लै एछणअ च़ाहा।
6 ज़ांऊं तिंयां लेरनै-पकारने शुक्कै खागा बाती हांढ दैआ,
तिधी बगा शांतीए सोबल़ा
अर सह हआ च़ैत्रै-बशाहे बरसाती करै हरी-भरी।
7 तेरै लोग रहा उझै बझ़दै ई लागी,
तिन्नां मांझ़ै एछणअ हरेक मणछ ताह बिधाता सेटा सियोना लै।
8 ए स्वर्गे सारी सैने मालक बिधाता, ताह ज़ुंण याकब मना,
तूह शुण मेरी अरज़!
9 हे परमेशर, तूह आसा हाम्हां लै ढाल़ा ज़िहअ, म्हारै तेऊ राज़ै लै दै तूह बर्गत,
ज़ुंण तंऐं आप्पै आसा छ़ांटअ द।
10 तेरै बसेरै एकी धैल़ै रहणअ आसा
हज़ार साला ज़िऊंणै का बित्तअ,
कदुष्टे डेरै रहणैं का भलअ आसा मुल्है
तेरै दुआरे डेहल़ै बेशी रहणअ भलअ।
11 हे बिधाता, म्हारी फाज़त करनै आल़अ महान राज़अ आसा तूह ई,
तूह दैआ हाम्हां लै इज़त अर जशे बर्गत।
ज़ुंण मणछ धर्मीं ज़िन्दगी ज़िऊआ,
तिन्नां लै निं तूह भली च़िज़ा दैणैं का पिछ़ू हटदअ।
12 ए स्वर्गे सारी सैने मालक बिधाता, ज़ुंण मणछ तेरै आसरै रहा,
तिन्नां लै दैआ तूह बर्गत।