1 मुंह करनअ सदा बिधातो शूकर,
हुंह निं तेऊए ज़ै-ज़ैकार करनै का कधि पिछ़ू हटदअ।
2 ज़ुंण बिधाता किअ, तेता लै करनी मुंह तेऊए ज़ै-ज़ैकार,
ताकि भोल़ै मणछ शूणीं खुश होए।
3 मुंह संघै करा बिधाते बड़ैई!
सोभै करा तेऊए महान नाओंए ज़ै-ज़ैकार।
4 मंऐं किई बिधाता सेटा अरज़ अर तेऊ शूणीं मेरी गल्ला,
तेऊ दैनअ मुल्है छ़ुटकारअ अर मुंह निं किछ़ै डअर रही।
5 ज़ुंणी तेऊ बाखा भाल़अ, तिन्नां भेटी खुशी,
तिन्नें मुंह निं कधि शर्मिंदै हई न्हैरै फिरै।
6 रैनै-गरीबै पाई बिधाता सेटा पकार अर तेऊ शूणीं,
संघा बच़ाऊऐ तिंयां सोभी आफ़ता का।
7 ज़ुंण बिधातो अदर करा, तिन्नें फाज़त लै हआ
बिधाते स्वर्ग दूत फेरा-फेर रहै दै, तिंयां बच़ाऊआ तिन्नां आफ़ता का।
8 तम्हैं लआ परखी संघा भाल़ै आप्पै कि बिधाता किहअ भलअ आसा।
तिंयां मणछ भाल़ किहै खुश हणैं ज़ुंण बिधाता सेटा शरण लआ।
9 ए बिधाते पबित्र लोगो, तेऊओ करा अदर,
किल्हैकि ज़ुंण तेऊए डरा हेठै रहा, तिन्नां निं किछ़ू गल्ले निऊल़ हंदी।
10 हई सका कि खारकअ सिह भुखअ रहे,
पर ज़ुंण बिधाते आसरै रहा, तिन्नां भेटा सोभै भली गल्ला।
11 लान्हैंओ, मुंह नेल़ एछा संघा शूणां मेरी गल्ला,
हुंह खोज़ूं तम्हां का बिधातो अदर किहअ लागा करनअ।
12 तम्हां मांझ़ै ज़ुंण बी मणछ आपणीं ज़िन्दगी राज्ज़ी-मौज़ी च़ाहा कि
थारी अमर लाम्मी होए, अर तेथ थारअ भलअ होए?
13 तै निं आपणीं ज़िभा का कधि बूरअ बोली,
नां आपणैं होठा का झ़ुठअ बोली।
14 बूरै करनै का हटै पिछ़ू, तम्हैं करै भलअ ई,
तम्हैं दैणअ दिला का मेल़-ज़ोल़ करनै बाखा ज़ोर।
15 बिधाता हआ धर्मीं मणछा भाल़अ लागअ द,
सह हेरा तिन्नें अरज़ शूणीं।
16 पर बूरै करनै आल़ै मणछा बाखा डाहा बिधाता पिठ फरेऊई,
संघा करा पृथूई का तिन्नों नाअं-नशाण ई खतम।
17 बिधाता हेरा धर्मीं मणछे लेर-पकार शूणीं,
संघा बच़ाऊआ सह तिन्नां सोभी आफ़ता का।
18 ज़हा मणछो हैअ चुटअ बिधाता हआ तिन्नां नेल़,
ज़हा किछ़ै आशा निं रही, तिन्नां बच़ाऊआ बिधाता आप्पै।
19 धर्मीं मणछा लै एछा खास्सी आफ़ता,
पर बिधाता बच़ाऊआ तिन्नां सोभी का।
20 बिधाता डाहा तिन्नां पठी राज्ज़ी-राम्बल़ै,
तेऊओ निं सह धख ज़िहअ हाडकअ बी चुटणैं दैंदअ।
21 कदुष्ट मणछ मरनअ बूरै करै,
ज़ुंण धर्मीं मणछा संघै ज़ीद डाहा, तिन्नां लागणअ दोश अर नां तिंयां सज़ा का बच़ी सकदै।
22 ज़ुंण बिधाते च़ाकरी करा तिंयां हेरनै तेऊ मोल दैई बच़ाऊई,
तेऊ सेटा शरण लणैं आल़ै मणछा लै निं दोश लागदअ अर नां सज़ा हई सकदी।