बिधाता हेरा धर्मीं मणछा बच़ाऊई1 मुंह करनअ सदा बिधातो शूकर, हुंह निं तेऊए ज़ै-ज़ैकार करनै का कधि पिछ़ू हटदअ।
बिधाता हेरा धर्मीं मणछा बच़ाऊई1 मुंह करनअ सदा बिधातो शूकर, हुंह निं तेऊए ज़ै-ज़ैकार करनै का कधि पिछ़ू हटदअ।