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स्तोत्र 1:1,2

OHSS Hindi Contemporary Version

1 कैसा धन्य है वह पुरुष

जो दुष्टों की सम्मति का आचरण नहीं करता,

न पापियों के मार्ग पर खड़ा रहता

और न ही उपहास करनेवालों की बैठक में बैठता है,

2 इसके विपरीत उसका उल्लास याहवेह की व्यवस्था का पालन करने में है,

उसी का मनन वह दिन-रात करता रहता है.

Em outras traduções

  1. HSB Hindi Standard Bible

    1 क्या ही धन्य है वह मनुष्य,

    जो दुष्‍टों की सम्मति पर नहीं चलता,

    और न पापियों के मार्ग पर खड़ा होता,

    और न ठट्ठा करनेवालों की बैठक में बैठता है।

    2 परंतु वह तो यहोवा की

    व्यवस्था से प्रसन्‍न रहता,

    और उसकी व्यवस्था पर दिन

    और रात मनन करता है।

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    1 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो दुष्टों की योजना पर1:1 योजना पर: पाप करनेवालों की राय नहीं मानता है। वह उनके विचारों और सुझावों के अनुसार अपना जीवन नहीं जीता है। नहीं चलता,

    और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता;

    और न ठट्ठा करनेवालों की मण्डली में बैठता है!

    2 परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता;

    और उसकी व्यवस्था पर रात-दिन ध्यान करता रहता है।

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