दावीद की रचना
1 मेरे प्राण, याहवेह का स्तवन करो;
मेरी संपूर्ण आत्मा उनके पवित्र नाम का स्तवन करे.
2 मेरे प्राण, याहवेह का स्तवन करो,
उनके किसी भी उपकार को न भूलो.
3 वह तेरे सब अपराध क्षमा करते
तथा तेरे सब रोग को चंगा करते हैं.
4 वही तेरे जीवन को गड्ढे से छुड़ा लेते हैं
तथा तुझे करुणा-प्रेम एवं मनोहरता से सुशोभित करते हैं.