44 किंतु उनका संकट परमेश्वर की दृष्टि में था.
तब उन्होंने उनकी पुकार सुनी;
45 उनके कल्याण के निमित्त परमेश्वर ने अपनी वाचा का स्मरण किया,
और अपने करुणा-प्रेम की परिणामता में परमेश्वर ने उन पर कृपा की.
44 किंतु उनका संकट परमेश्वर की दृष्टि में था.
तब उन्होंने उनकी पुकार सुनी;
45 उनके कल्याण के निमित्त परमेश्वर ने अपनी वाचा का स्मरण किया,
और अपने करुणा-प्रेम की परिणामता में परमेश्वर ने उन पर कृपा की.