5 अपने संकट की स्थिति में मैंने याहवेह को पुकारा;
और प्रत्युत्तर में वे मुझे एक विशाल स्थान पर ले आये118:5 अर्थात् मुझे उद्धार किया..
6 मुझे कोई भय न होगा, क्योंकि याहवेह मेरे साथ हैं.
मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ सकता है?
5 अपने संकट की स्थिति में मैंने याहवेह को पुकारा;
और प्रत्युत्तर में वे मुझे एक विशाल स्थान पर ले आये118:5 अर्थात् मुझे उद्धार किया..
6 मुझे कोई भय न होगा, क्योंकि याहवेह मेरे साथ हैं.
मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ सकता है?
5 संकट में मैंने याह को पुकारा;
याह ने मुझे उत्तर दिया,
और मुझे चौड़े स्थान में पहुँचाया।
6 यहोवा मेरी ओर है,
मैं न डरूँगा।
मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?
5 मैंने सकेती में परमेश्वर को पुकारा118:5 मैंने सकेती में परमेश्वर को पुकारा: संकटों के मध्य उसने परमेश्वर से प्रार्थना की और उसकी वाणी जो उसके दु:खों की गहराई से निकलती थी सुनी गई। ,
परमेश्वर ने मेरी सुनकर, मुझे चौड़े स्थान में पहुँचाया।
6 यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूँगा।
मनुष्य मेरा क्या कर सकता है? (रोम. 8:31, इब्रा. 13:6)
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