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स्तोत्र 127:1,2

OHSS Hindi Contemporary Version

1 यदि गृह-निर्माण याहवेह द्वारा न किया गया हो तो,

श्रमिकों का परिश्रम निरर्थक होता है.

यदि नगर की सुरक्षा याहवेह न करें,

तो रखवाले द्वारा की गई चौकसी व्यर्थ होती है.

2 तुम्हारा सुबह जाग उठना

देर तक जागे रहना,

संकटपूर्ण श्रम का भोजन करना व्यर्थ है;

क्योंकि याहवेह द्वारा नींद का अनुदान उनके लिए है, जिनसे वह प्रेम करते हैं.

Em outras traduções

  1. HSB Hindi Standard Bible

    1 यदि घर को यहोवा न बनाए,

    तो उसके बनानेवालों का परिश्रम व्यर्थ होगा।

    यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे,

    तो पहरेदार का जागना व्यर्थ ही होगा।

    2 तुम्हारा सवेरे-सवेरे उठना,

    देर तक जागते रहना

    और परिश्रम की रोटी खाना, तुम्हारे लिए व्यर्थ है;

    क्योंकि वह तो अपने प्रियों को नींद प्रदान करता है।

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    1 यदि घर को यहोवा न बनाए,

    तो उसके बनानेवालों का परिश्रम व्यर्थ होगा।

    यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे,

    तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा।

    2 तुम जो सवेरे उठते और देर करके विश्राम करते

    और कठोर परिश्रम की रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है;

    क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद प्रदान करता है।

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