3 प्रधानों पर अपना भरोसा आधारित न करो—उस नश्वर मनुष्य पर,
जिसमें किसी को छुड़ाने की कोई सामर्थ्य नहीं है.
4 जब उसके प्राण पखेरू उड़ जाते हैं, वह भूमि में लौट जाता है;
और ठीक उसी समय उसकी योजनाएं भी नष्ट हो जाती हैं.
5 धन्य होता है वह पुरुष, जिसकी सहायता का उगम याकोब के परमेश्वर में है,
जिसकी आशा याहवेह, उसके परमेश्वर पर आधारित है.