1 पृथ्वी और पृथ्वी में जो कुछ भी है, सभी कुछ याहवेह का ही है.
संसार और वे सभी, जो इसमें निवास करते हैं, उन्हीं के हैं;
2 क्योंकि उन्हीं ने महासागर पर इसकी नींव रखी
तथा जलप्रवाहों पर इसे स्थिर किया.
1 पृथ्वी और पृथ्वी में जो कुछ भी है, सभी कुछ याहवेह का ही है.
संसार और वे सभी, जो इसमें निवास करते हैं, उन्हीं के हैं;
2 क्योंकि उन्हीं ने महासागर पर इसकी नींव रखी
तथा जलप्रवाहों पर इसे स्थिर किया.