Publicidade

Salmos 27

रचना.

1 हवि और उदैं;

िसकभय सकतै?

हववन गढैं,

िसकभय?

2 जब जन िगलनि

पर आकरमण करतैं,

जब ितथशतिउठ खड़े ैं,

कर कर िैं.

3 यदि एक े,

तब दय भयभा;

यदि िि,

तब ैं णतििंबनरहूंा.

4 हवैंएक थनै,

यहआकांै:

ैं आजवन हवआवें िकर सकूं,

ि हवौंदरखतरहूं

और उनकिें मनन करतरहूं.

5 ोंि वहैं कट ें

आशरय ेंे;

वहअपन्‍त-मडप आशरय ें िें

और एक उचचटें रकरदकरेंे.

6 तब िशतै,

उनकमनमसतक एगा.

तब उचहरैं हव्‍त-मडप ें बलि अरिकरूंा;

ैं ा, ां, ैं हवदनकरूंा.

7 हव, ि;

पर कर उततर ि.

8 आपनकहा, "बनो!" दय आपसयह कहतै,

हव, ैं आपकबनूंा.

9 झसअपनखमडल िइए,

ें अपनवक ि;

आप सहयक रहैं.

परमवर, उदरक

असिऔर परिि.

10 ा-िभलपरिकर ें,

िंहवकर ेंे.

11 हव, अपनआचरण िें;

शतमधरकि

पर अगकरें.

12 शतइचि धन िें,

िउठ खड़े ैं,

सभिंपर उतैं.

13 यह िचय ै:

ि ैं इसवन ें,

हवि अनभव करूंा.

14 हवें अपनआशिरखो;

रहकर हसबनो,

ां, हवपर भररखो.

Veja também

Publicidade
Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-06-28_14-13-17-