दावीद की रचना. जब दावीद ने राजा अबीमेलेक के सामने पागल होने का स्वांग रचा था और अबीमेलेक ने उन्हें बाहर निकाल दिया जिससे वह वहां से पलायन कर सके थे.
1 हर एक स्थिति में मैं याहवेह को योग्य कहता रहूंगा;
मेरे होंठों पर उनकी स्तुति-प्रशंसा के उद्गार सदैव ही बने रहेंगे.
2 मेरी आत्मा याहवेह में गर्व करती है;
पीड़ित यह सुनें और उल्लसित हों.
3 मेरे साथ याहवेह का गुणगान करो;
हम सब मिलकर याहवेह की महिमा को ऊंचा करें.