4 धन्य है वह पुरुष,
जो याहवेह पर भरोसा रखता है,
जो अभिमानियों से कोई आशा नहीं रखता, अथवा उनसे,
जो झूठे देवताओं की शरण में हैं.
4 धन्य है वह पुरुष,
जो याहवेह पर भरोसा रखता है,
जो अभिमानियों से कोई आशा नहीं रखता, अथवा उनसे,
जो झूठे देवताओं की शरण में हैं.