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स्तोत्र 42

4 जब ैं अपनआपकसमरहूं,

उन घटनमरण रहै;

ोंि ैं परमवर भवन ओर अगरगी,

िजनसमअधियक करता.

उस समय उतसव वरण ें जय जयक

तथधनयववनि ूंरही.

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