2 मेरे समस्त अधर्म को धो दीजिए
और मुझे मेरे पाप से शुद्ध कर दीजिए.
3 मैंने अपने अपराध पहचान लिए हैं,
और मेरा पाप मेरे दृष्टि पर छाया रहता है.
4 वस्तुतः मैंने आपके, मात्र आपके विरुद्ध ही पाप किया है,
मैंने ठीक वही किया है, जो आपकी दृष्टि में बुरा है;
तब जब आप अपने न्याय के अनुरूप दंड देते हैं,
यह हर दृष्टि से न्याय संगत एवं उपयुक्त है.