16 किंतु मैं आपकी सामर्थ्य का गुणगान करूंगा,
प्रातःकाल मेरे गीत का विषय होगा आपका करुणा-प्रेम59:16 करुणा-प्रेम मूल में ख़ेसेद इस हिब्री शब्द के अर्थ में अनुग्रह, दया, प्रेम, करुणा ये सब शामिल हैं
क्योंकि मेरा दृढ़ आश्रय-स्थल आप हैं,
संकट काल में शरण स्थल हैं.