1 परमेश्वर, आप मेरे अपने परमेश्वर हैं,
अत्यंत उत्कटतापूर्वक मैं आपके सान्निध्य की कामना करता हूं;
सूखी और प्यासी भूमि में,
जहां जल है ही नहीं,
मेरा प्राण आपके लिए प्यासा
एवं मेरी देह आपकी अभिलाषी है.
1 परमेश्वर, आप मेरे अपने परमेश्वर हैं,
अत्यंत उत्कटतापूर्वक मैं आपके सान्निध्य की कामना करता हूं;
सूखी और प्यासी भूमि में,
जहां जल है ही नहीं,
मेरा प्राण आपके लिए प्यासा
एवं मेरी देह आपकी अभिलाषी है.