3 इसलिये कि आपका करुणा-प्रेम मेरे जीवन की अपेक्षा कहीं अधिक श्रेष्ठ है,
मेरे होंठ आपके स्तवन करते रहेंगे.
4 मैं आजीवन आपका धन्यवाद करता रहूंगा,
आपकी महिमा का ध्यान करके मैं अपने हाथ उठाऊंगा.
3 इसलिये कि आपका करुणा-प्रेम मेरे जीवन की अपेक्षा कहीं अधिक श्रेष्ठ है,
मेरे होंठ आपके स्तवन करते रहेंगे.
4 मैं आजीवन आपका धन्यवाद करता रहूंगा,
आपकी महिमा का ध्यान करके मैं अपने हाथ उठाऊंगा.