18 यदि मैंने अपने हृदय में अपराध को संजोए रखकर,
उसे पोषित किया होता, तो परमेश्वर ने मेरी पुकार न सुनी होती;
19 किंतु परमेश्वर ने न केवल मेरी प्रार्थना सुनी;
उन्होंने उसका उत्तर भी दिया है.
18 यदि मैंने अपने हृदय में अपराध को संजोए रखकर,
उसे पोषित किया होता, तो परमेश्वर ने मेरी पुकार न सुनी होती;
19 किंतु परमेश्वर ने न केवल मेरी प्रार्थना सुनी;
उन्होंने उसका उत्तर भी दिया है.