28 मेरा अपना अनुभव यह है, कि मनोरम है परमेश्वर का सान्निध्य.
मैंने प्रभु याहवेह को अपना आश्रय-स्थल बना लिया है;
कि मैं आपके समस्त महाकार्य को लिख सकूं.
28 मेरा अपना अनुभव यह है, कि मनोरम है परमेश्वर का सान्निध्य.
मैंने प्रभु याहवेह को अपना आश्रय-स्थल बना लिया है;
कि मैं आपके समस्त महाकार्य को लिख सकूं.