बधाने साबै ज़िन्दगी ज़िऊंणीं
9 खारकै मणछ सका बिधाते हुकम मनी
शुची ज़िन्दगी ज़िऊई।
10 हे बिधाता, हुंह रहा तत्त-दिला का तेरी च़ाकरी लागी,
तूह निं मुंह आपणैं बधाने बिधी का कबाता दैई पेशणैं।
11 मंऐं आसा तेरअ बधान आपणैं दिलै डाहअ द,
ताकि हुंह ताखा किछ़ पाप करदअ निं शुझिए।
12 हे बिधाता, हुंह करा तेरी ज़ै-ज़ैकार,
तूह खोज़ मुखा आपणीं बिधी आप्पै।
13 ज़ुंण बधान तंऐं खोज़अ,
सह खोज़णअ मुंह आपणीं खाखा का सोभी का।
14 तेरअ हुकम मनी भेटा
बडै सेठ हणैं का बी खास्सी खुशी।
15 मुंह दैणअ तेरै बधाना दी धैन अर
तेरी शिक्षा दी रहणअ मुंह बच़ार करदै लागी।
16 मुंह हणअ तेरै बधाना दी सुखी,
मुंह डाहणीं तेरी सोभै गल्ला आद।