7 सह करा हारै-मारै दै मणछो नसाफ अर
भुखै रज़ैऊआ सह रोटी दैई।
ज़ुंण कैद आसा किऐ दै, बिधाता करा तिन्नां आज़ाद,
8 सह दैआ कांणै लै आछी कि तिन्नां का शुझिए।
ज़ुंण ठोहल़ लागी धरनीं पल़ै तिन्नां करा सह हाथा ढाकी आज़रै खल़ै,
सह झ़ूरा धर्मीं मणछा लै।
9 सह करा थारै देशै रहणैं आल़ै पाखलै मणछे बी फाज़त,
बिधबा अर छ़ुटै-मुक्कै दै लान्हें करा सह आप्पै मज़त,
पर कदुष्ट मणछा करा सह पठी बरैबाद।