ज़ितणा लै अरज़
गाज़ै-बाज़ै आल़ेए सैणैं लै राज़ै दाबेदो भज़न
1 खरीए पलका हेरनी बिधाता तेरी लेर-पकार शूणीं।
याकबे परमेशरा करनी तेरी सोभी आफ़ता का फाज़त।
2 तेऊ करनी आपणीं पबित्र ज़ैगा का तेरी मज़त अर
तेऊ दैणअ ताल्है एरुशलेम नगरी का बल।
3 तेऊ मनणी तेरी सारी भैंटा अर
सह हणअ तेरी हूम बल़ी अर मेल़-ज़ोल़े बल़ी करै खुश।
4 बिधाता लोल़ी ती तेरी दिला-मन्नें पूरी किई अर
तूह लोल़ी हर गल्ला लै सफल हुअ।