12 तम्हां मांझ़ै ज़ुंण बी मणछ आपणीं ज़िन्दगी राज्ज़ी-मौज़ी च़ाहा कि
थारी अमर लाम्मी होए, अर तेथ थारअ भलअ होए?
13 तै निं आपणीं ज़िभा का कधि बूरअ बोली,
नां आपणैं होठा का झ़ुठअ बोली।
14 बूरै करनै का हटै पिछ़ू, तम्हैं करै भलअ ई,
तम्हैं दैणअ दिला का मेल़-ज़ोल़ करनै बाखा ज़ोर।