8 तम्हैं लआ परखी संघा भाल़ै आप्पै कि बिधाता किहअ भलअ आसा।
तिंयां मणछ भाल़ किहै खुश हणैं ज़ुंण बिधाता सेटा शरण लआ।
9 ए बिधाते पबित्र लोगो, तेऊओ करा अदर,
किल्हैकि ज़ुंण तेऊए डरा हेठै रहा, तिन्नां निं किछ़ू गल्ले निऊल़ हंदी।
10 हई सका कि खारकअ सिह भुखअ रहे,
पर ज़ुंण बिधाते आसरै रहा, तिन्नां भेटा सोभै भली गल्ला।
11 लान्हैंओ, मुंह नेल़ एछा संघा शूणां मेरी गल्ला,
हुंह खोज़ूं तम्हां का बिधातो अदर किहअ लागा करनअ।