1 मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर उठाता—
क्या मेरी सहायता का स्रोत वहां है?
2 मेरी सहायता का स्रोत तो याहवेह हैं,
स्वर्ग और पृथ्वी के कर्ता.
1 मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर उठाता—
क्या मेरी सहायता का स्रोत वहां है?
2 मेरी सहायता का स्रोत तो याहवेह हैं,
स्वर्ग और पृथ्वी के कर्ता.