3 संतान याहवेह के दिए हुए निज भाग होते हैं,
तथा बालक उनका दिया हुआ उपहार.
4 युवावस्था में उत्पन्न हुई संतान वैसी ही होती है,
जैसे योद्धा के हाथों में बाण.
3 संतान याहवेह के दिए हुए निज भाग होते हैं,
तथा बालक उनका दिया हुआ उपहार.
4 युवावस्था में उत्पन्न हुई संतान वैसी ही होती है,
जैसे योद्धा के हाथों में बाण.