13 आपने ही मेरे आन्तरिक अंगों की रचना की;
मेरी माता के गर्भ में आपने मेरी देह की रचना की.
14 मैं आपके प्रति कृतज्ञ हूं, क्योंकि आपने मेरी रचना भयानक एवं अद्भुत ढंग से की है;
आश्चर्य हैं आपके कार्य,
मेरे प्राणों को इसका पूर्ण बोध है.
13 आपने ही मेरे आन्तरिक अंगों की रचना की;
मेरी माता के गर्भ में आपने मेरी देह की रचना की.
14 मैं आपके प्रति कृतज्ञ हूं, क्योंकि आपने मेरी रचना भयानक एवं अद्भुत ढंग से की है;
आश्चर्य हैं आपके कार्य,
मेरे प्राणों को इसका पूर्ण बोध है.
13 तूने मेरे भीतरी अंगों को बनाया है,
तूने मुझे माता के गर्भ में रचा है।
14 मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ,
क्योंकि मैं आश्चर्यजनक139:14 या भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूँ।
तेरे कार्य अद्भुत हैं
और मैं यह भली-भाँति जानता हूँ।
13 तूने मेरे अंदरूनी अंगों को बनाया है;
तूने मुझे माता के गर्भ में रचा।
14 मैं तेरा धन्यवाद करूँगा, इसलिए कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया139:14 मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया: भयानक अर्थात् भयभीत करनेवाली बातें जिनसे भय या श्रद्धा उत्पन्न होती है। अद्भुत रीति से रचा गया: का वास्तविक अर्थ है, विशिष्ट: या पृथक:। हूँ।
तेरे काम तो आश्चर्य के हैं,
और मैं इसे भली भाँति जानता हूँ। (प्रका. 15:3)
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