8 मैंने सदैव ही याहवेह की उपस्थिति का बोध अपने सामने बनाए रखा है.
जब वह नित मेरे दायें पक्ष में रहते हैं, तो भला मैं कैसे लड़खड़ा सकता हूं.
8 मैंने सदैव ही याहवेह की उपस्थिति का बोध अपने सामने बनाए रखा है.
जब वह नित मेरे दायें पक्ष में रहते हैं, तो भला मैं कैसे लड़खड़ा सकता हूं.