1 याहवेह, मेरे सामर्थ्य, मैं आपसे प्रेम करता हूं.
2 याहवेह मेरी चट्टान, मेरा गढ़ और मेरे छुड़ानेवाले हैं;
मेरे परमेश्वर, मेरे लिए चट्टान हैं, जिनमें मैं आसरा लेता हूं,
वह मेरी ढाल और मेरे उद्धार का सींग, वह मेरा गढ़.
3 मैं दोहाई याहवेह की देता हूं, सिर्फ वही स्तुति के योग्य हैं,
और मैं शत्रुओं से छुटकारा पा लेता हूं.